NCERT अवधारणा अभ्यास · कक्षा 10 · विज्ञान

अम्ल, क्षारक एवं लवण

अवधारणा समझें

जलीय विलयन में अम्ल H⁺ आयन (वास्तव में H₃O⁺) देते हैं, जबकि क्षारक OH⁻ आयन देते हैं। अम्ल और क्षारक संकेतकों के रंग बदलते हैं और परस्पर अभिक्रिया करके लवण तथा जल बना सकते हैं। pH पैमाना किसी विलयन की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति बताता है: 7 से कम अम्लीय, 7 तटस्थ और 7 से अधिक क्षारीय। दैनिक जीवन में pH का महत्व दाँतों के क्षय, मिट्टी तथा पाचन में दिखता है। सामान्य नमक NaCl से सोडियम हाइड्रॉक्साइड, विरंजक चूर्ण, बेकिंग सोडा और धावन सोडा तैयार किए जा सकते हैं; प्लास्टर ऑफ पेरिस जिप्सम से बनाया जाता है।

याद रखने योग्य बातें

पूरा हल किया उदाहरण

प्रश्न: 20 mL 0.1 mol/L HCl को ठीक उदासीन करने के लिए 0.1 mol/L NaOH के कितने mL चाहिए?

  1. संतुलित समीकरण लिखें: HCl + NaOH → NaCl + H₂O; मोल अनुपात 1:1 है।
  2. HCl के मोल = 0.1 mol/L × 0.020 L = 0.002 mol।
  3. उदासीनीकरण के लिए 0.002 mol NaOH चाहिए।
  4. NaOH का आयतन = n/C = 0.002/0.1 L = 0.020 L = 20 mL।

उत्तर: 0.1 mol/L NaOH के 20 mL चाहिए।

इन गलतियों से बचें

आधिकारिक स्रोत

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