NCERT अवधारणा अभ्यास · कक्षा 10 · विज्ञान
नियंत्रण एवं समन्वय
अवधारणा समझें
बहुकोशिकीय जीवों में उद्दीपन पहचानना और उचित प्रतिक्रिया देना समन्वय का काम है। पौधों में प्रकाश या गुरुत्व जैसे उद्दीपनों की दिशा में वृद्धि को अनुवर्तन कहते हैं; ऑक्सिन जैसे पादप हार्मोन वृद्धि को नियंत्रित करते हैं। जंतुओं में तंत्रिका तंत्र विद्युत-रासायनिक संकेतों से तेज प्रतिक्रिया कराता है, जबकि हार्मोन रक्त द्वारा पहुँचकर अपेक्षाकृत धीमे और लंबे समय तक प्रभाव डालते हैं। प्रतिवर्ती क्रिया में मेरुरज्जु त्वरित प्रतिक्रिया का मार्ग बनाती है; मस्तिष्क सूचना पा सकता है, पर प्रतिक्रिया के लिए हर बार पहले सचेत निर्णय जरूरी नहीं।
याद रखने योग्य बातें
- न्यूरॉन में संकेत सामान्यतः डेंड्राइट से कोशिका-काय, फिर ऐक्सॉन के अंतिम सिरे की ओर चलता है।
- प्रतिवर्ती चाप में ग्राही, संवेदी न्यूरॉन, मेरुरज्जु में तंत्रिका-संपर्क, प्रेरक न्यूरॉन और प्रभावक अंग शामिल होते हैं।
- प्रकाशानुवर्तन में तने की छायावाली ओर ऑक्सिन अधिक होने से कोशिकाएँ अधिक लंबी होती हैं और तना प्रकाश की ओर मुड़ता है।
- इंसुलिन रक्त ग्लूकोज घटाने में मदद करता है; थायरॉक्सिन के निर्माण के लिए आयोडीन आवश्यक है।
पूरा हल किया उदाहरण
प्रश्न: गर्म वस्तु छूते ही हाथ हटता है। प्रतिक्रिया का तंत्र समझाइए।
- त्वचा के ताप/दर्द ग्राही उद्दीपन पहचानते हैं।
- संवेदी न्यूरॉन आवेग को मेरुरज्जु तक ले जाता है।
- मेरुरज्जु में संपर्क के बाद प्रेरक न्यूरॉन हाथ की मांसपेशियों को संकेत देता है।
- मांसपेशियाँ सिकुड़ती हैं और हाथ हटता है; मस्तिष्क को सूचना साथ में पहुँचती है।
उत्तर: यह मेरुरज्जु द्वारा संचालित प्रतिवर्ती क्रिया है, जो चोट का जोखिम घटाने के लिए तेज होती है।
इन गलतियों से बचें
- हर प्रतिक्रिया को प्रतिवर्ती क्रिया कहना; सीखी हुई या सचेत प्रतिक्रिया का मार्ग अलग हो सकता है।
- पौधों में तंत्रिका तंत्र मान लेना; पौधों में हार्मोन और वृद्धि-आधारित प्रतिक्रियाएँ होती हैं।
आधिकारिक स्रोत
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