NCERT अवधारणा अभ्यास · कक्षा 10 · विज्ञान
जीव जनन कैसे करते हैं?
अवधारणा समझें
जनन से प्रजाति की निरंतरता बनी रहती है। अलैंगिक जनन में सामान्यतः एक जनक से बिना युग्मक-संलयन के संतान बनती है; द्विखंडन, मुकुलन, खंडन और बीजाणु निर्माण इसके रूप हैं। लैंगिक जनन में नर और मादा युग्मकों का संलयन आनुवंशिक विविधता का स्रोत बनता है। पौधों में परागण के बाद निषेचन होता है और बीज बनता है। मानव प्रजनन स्वास्थ्य में किशोरावस्था, गर्भनिरोध के तरीके, सुरक्षित यौन व्यवहार, HIV/AIDS से बचाव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधी मूल बातें शामिल हैं।
याद रखने योग्य बातें
- अलैंगिक जनन सरल और तेज हो सकता है, लेकिन संतान में विविधता सामान्यतः कम होती है।
- लैंगिक जनन में निषेचन से युग्मनज बनता है; युग्मकों का निर्माण और संलयन गुणसूत्र संख्या को पीढ़ियों में बनाए रखने में मदद करता है।
- पुष्पी पौधों में परागकण का वर्तिकाग्र तक पहुँचना परागण है; नर युग्मक और अंड कोशिका का संलयन निषेचन है।
- गर्भनिरोध के उपाय गर्भधारण रोकने के लिए हैं; कंडोम यौन संचारित संक्रमण का जोखिम भी घटाता है।
पूरा हल किया उदाहरण
प्रश्न: एक पौधे में परागकण वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैं। बीज बनने तक घटनाओं का क्रम लिखिए।
- परागण के बाद परागकण अंकुरित होकर पराग नली बनाता है।
- पराग नली बीजांड तक पहुँचकर नर युग्मक ले जाती है।
- नर युग्मक अंड कोशिका से संलयित होकर युग्मनज बनाता है।
- युग्मनज भ्रूण में विकसित होता है; बीजांड बीज और अंडाशय फल बनता है।
उत्तर: परागण → पराग नली → निषेचन → युग्मनज/भ्रूण; बीजांड बीज बनता है।
इन गलतियों से बचें
- परागण और निषेचन को एक ही घटना मानना; परागण परागकण का स्थानांतरण है।
- यह मानना कि गर्भनिरोध की हर विधि HIV/AIDS से भी बचाती है; संक्रमण से बचाव के लिए कंडोम विशेष महत्व रखता है।
आधिकारिक स्रोत
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