NCERT अवधारणा अभ्यास · कक्षा 10 · विज्ञान

विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव

अवधारणा समझें

विद्युत धारा बहने पर चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र बनता है। सीधे तार के चारों ओर क्षेत्र रेखाएँ वृत्ताकार होती हैं और दिशा दायाँ हाथ अंगूठा नियम से मिलती है। कुंडली या परिनालिका का क्षेत्र दंड चुंबक जैसा हो सकता है। चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर बल लगता है; फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम बल की दिशा बताता है। घरेलू परिपथ में फ्यूज/MCB, अर्थ तार और जीवित-तटस्थ तार सुरक्षा के लिए हैं।

याद रखने योग्य बातें

पूरा हल किया उदाहरण

प्रश्न: सीधे ऊर्ध्वाधर तार में धारा ऊपर की ओर है। तार के ऊपर से देखने पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या होगी?

  1. दायाँ हाथ अंगूठा नियम लागू करें: दाएँ अंगूठे को धारा की दिशा, यानी ऊपर, रखें।
  2. मुड़ी उँगलियाँ तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं।
  3. ऊपर से देखने पर धारा दर्शक की ओर आ रही है; क्षेत्र वामावर्त दिखाई देता है।

उत्तर: ऊपर से देखने पर चुंबकीय क्षेत्र वामावर्त है।

इन गलतियों से बचें

आधिकारिक स्रोत

अब खुद जाँचें: 8 प्रश्न

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