NCERT अवधारणा अभ्यास · कक्षा 10 · गणित
प्रायिकता
अवधारणा समझें
सैद्धांतिक प्रायिकता किसी घटना के अनुकूल परिणामों की संख्या और सभी समान संभावित परिणामों की संख्या का अनुपात है। घटना की प्रायिकता 0 और 1 के बीच रहती है। किसी घटना E के न होने की प्रायिकता P(Ē)=1−P(E) होती है। पाठ्यक्रम सैद्धांतिक परिभाषा और एकल घटना पर सामान्य प्रश्न रखता है।
याद रखने योग्य बातें
- P(E)=अनुकूल परिणाम/कुल समान संभावित परिणाम।
- निश्चित घटना की प्रायिकता 1 और असंभव घटना की 0 है।
- पूरक घटना का उपयोग: P(Ē)=1−P(E)।
पूरा हल किया उदाहरण
प्रश्न: एक निष्पक्ष पासा एक बार फेंकने पर सम संख्या आने की प्रायिकता ज्ञात करें।
- नमूना समष्टि {1,2,3,4,5,6} में 6 समान संभावित परिणाम हैं।
- अनुकूल सम परिणाम {2,4,6} हैं, कुल 3।
- P(सम)=3/6=1/2।
उत्तर: सम संख्या आने की प्रायिकता 1/2 है।
इन गलतियों से बचें
- अनुकूल परिणामों की संख्या को कुल परिणामों से भाग न देना।
- गैर-समान संभावित परिणामों पर सीधे यह अनुपात लागू करना।
आधिकारिक स्रोत
अब खुद जाँचें: 8 प्रश्न
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