NCERT अवधारणा अभ्यास · कक्षा 10 · गणित
सांख्यिकी
अवधारणा समझें
समूहित आँकड़ों के माध्य, माध्यिका और बहुलक से केंद्रीय प्रवृत्ति का वर्णन होता है। वर्गीकृत आँकड़ों में माध्य के लिए वर्ग-चिह्न और आवृत्तियाँ उपयोग की जाती हैं। माध्यिका वर्ग वह वर्ग है जहाँ संचयी आवृत्ति पहली बार कुल आवृत्ति के आधे तक पहुँचती या उससे आगे जाती है।
याद रखने योग्य बातें
- वर्ग-चिह्न = (निम्न सीमा+उच्च सीमा)/2; माध्य = Σfᵢxᵢ/Σfᵢ।
- माध्यिका सूत्र: l+[(N/2−cf)/f]h, जहाँ cf माध्यिका वर्ग से पहले की संचयी आवृत्ति है।
- बहुलक वर्ग सबसे अधिक आवृत्ति वाला वर्ग है; सूत्र l+[(f₁−f₀)/(2f₁−f₀−f₂)]h में f₁ उसकी आवृत्ति है।
पूरा हल किया उदाहरण
प्रश्न: वर्ग 0–10, 10–20, 20–30 की आवृत्तियाँ क्रमशः 2, 6, 2 हैं। माध्य, माध्यिका और बहुलक ज्ञात कीजिए।
- वर्ग-चिह्न 5, 15, 25 हैं; N=2+6+2=10 और Σfx=2×5+6×15+2×25=150, इसलिए माध्य=150/10=15।
- N/2=5; संचयी आवृत्तियाँ 2, 8, 10 हैं, इसलिए माध्यिका वर्ग 10–20 है। l=10, cf=2, f=6, h=10 से माध्यिका=10+[(5−2)/6]×10=15।
- बहुलक वर्ग भी 10–20 है। l=10, f₁=6, f₀=2, f₂=2, h=10 से बहुलक=10+[(6−2)/(12−2−2)]×10=15।
उत्तर: समूहित आँकड़ों का माध्य, माध्यिका और बहुलक तीनों 15 हैं।
इन गलतियों से बचें
- समूहित आँकड़ों में वर्ग सीमा की जगह वर्ग-चिह्न का उपयोग भूलना।
- माध्यिका वर्ग से पहले की संचयी आवृत्ति cf के स्थान पर उसी वर्ग की संचयी आवृत्ति रखना।
आधिकारिक स्रोत
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