NCERT अवधारणा अभ्यास · कक्षा 9 · गणित
संख्या पद्धति
अवधारणा समझें
वास्तविक संख्याओं में परिमेय और अपरिमेय संख्याएँ आती हैं। परिमेय संख्या p/q के रूप में लिखी जा सकती है, जहाँ p और q पूर्णांक तथा q ≠ 0 हों। अपरिमेय संख्या का दशमलव प्रसार अनंत और अनावर्ती होता है। संख्या रेखा पर दोनों प्रकार की संख्याएँ बिंदुओं से दर्शाई जा सकती हैं।
याद रखने योग्य बातें
- परिमेय संख्या का दशमलव प्रसार सांत या आवर्ती होता है।
- √n अपरिमेय है जब n पूर्ण वर्ग न हो (n धनात्मक पूर्णांक)।
- वर्गमूल को संख्या रेखा पर ज्यामितीय रचना से दर्शाया जा सकता है।
पूरा हल किया उदाहरण
प्रश्न: 3/8 को दशमलव में लिखकर बताइए कि यह परिमेय है या नहीं।
- भिन्न को दशमलव बनाने के लिए 3 को 8 से भाग दें।
- 3 ÷ 8 = 0.375।
- दशमलव प्रसार सांत है; इसलिए संख्या परिमेय है।
उत्तर: 3/8 = 0.375, अतः यह परिमेय संख्या है।
इन गलतियों से बचें
- हर अनंत दशमलव को अपरिमेय मानना; आवर्ती दशमलव परिमेय होते हैं।
- परिमेय संख्या में हर q = 0 स्वीकार करना।
आधिकारिक स्रोत
अब खुद जाँचें: 8 प्रश्न
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