NCERT अवधारणा अभ्यास · कक्षा 9 · गणित
बहुपद
अवधारणा समझें
चर x का बहुपद ऐसे पदों का योग है जिनमें x की घातें गैर-ऋणात्मक पूर्णांक हों और गुणांक वास्तविक हों। बहुपद का मान किसी x के स्थान पर संख्या रखकर मिलता है। यदि p(a)=0 हो तो a, p(x) का शून्यक है।
याद रखने योग्य बातें
- बहुपद की घात उसके गैर-शून्य पदों में चर की सबसे बड़ी घात है।
- शून्यक a के लिए p(a)=0।
- रेखीय बहुपद ax+b (a≠0) का शून्यक −b/a है।
पूरा हल किया उदाहरण
प्रश्न: p(x)=x²−5x+6 के शून्यक ज्ञात कीजिए।
- p(x)=0 रखें: x²−5x+6=0।
- ऐसी दो संख्याएँ खोजें जिनका गुणनफल 6 और योग −5 हो: −2 और −3।
- गुणनखंड करें: (x−2)(x−3)=0।
- प्रत्येक गुणनखंड शून्य रखें: x−2=0 या x−3=0।
उत्तर: शून्यक 2 और 3 हैं।
इन गलतियों से बचें
- बहुपद के शून्यक और बहुपद के मान को एक ही समझना।
- घात में ऋणात्मक या भिन्न घात वाले पद को बहुपद में शामिल करना।
आधिकारिक स्रोत
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