NCERT अवधारणा अभ्यास · कक्षा 10 · गणित
समांतर श्रेढ़ियाँ
अवधारणा समझें
समांतर श्रेढ़ी (AP) में लगातार पदों का अंतर स्थिर रहता है। प्रथम पद a और सार्व अंतर d हो, तो nवाँ पद aₙ=a+(n−1)d है। पहले n पदों का योग Sₙ=n/2[2a+(n−1)d] होता है। UPMSP पाठ्यक्रम nवें पद की व्युत्पत्ति, प्रथम n पदों के योग और दैनिक जीवन के अनुप्रयोग निर्दिष्ट करता है।
याद रखने योग्य बातें
- सार्व अंतर d=a₂−a₁ है और हर लगातार जोड़े में समान होना चाहिए।
- nवें पद के सूत्र में पदों की संख्या n है, इसलिए d के साथ n−1 आता है।
- योग का दूसरा रूप Sₙ=n/2(a+l) है, जहाँ l अंतिम पद है।
पूरा हल किया उदाहरण
प्रश्न: AP 3, 7, 11, … के पहले 10 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
- a=3, d=7−3=4 और n=10 पहचानें।
- सूत्र Sₙ=n/2[2a+(n−1)d] लगाएँ।
- S₁₀=10/2[6+9×4]=5×42।
उत्तर: पहले 10 पदों का योग 210 है।
इन गलतियों से बचें
- nवें पद में (n−1) के बदले n लगाना।
- सार्व अंतर का चिह्न उलटा लेकर श्रेढ़ी की दिशा बदल देना।
आधिकारिक स्रोत
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