NCERT अवधारणा अभ्यास · कक्षा 10 · गणित
बहुपद
अवधारणा समझें
बहुपद p(x) के शून्यक वे x मान हैं जिन पर p(x)=0 होता है। द्विघात बहुपद ax²+bx+c (a≠0) के शून्यक α और β हों, तो α+β=−b/a तथा αβ=c/a। इन संबंधों से गुणांक और शून्यकों के बीच संबंध समझा और जाँचा जा सकता है।
याद रखने योग्य बातें
- शून्यक का अर्थ p(α)=0 है।
- द्विघात बहुपद में शून्यकों का योग −b/a होता है।
- शून्यकों का गुणनफल c/a होता है; शून्यक ज्ञात हों तो बहुपद k(x−α)(x−β) के रूप में लिखा जा सकता है।
पूरा हल किया उदाहरण
प्रश्न: p(x)=2x²−5x+3 के शून्यक और उनके योग-गुणनफल की जाँच कीजिए।
- 2x²−5x+3=0 को गुणनखंडित करें: (2x−3)(x−1)=0।
- अतः शून्यक 3/2 और 1 हैं।
- योग = 3/2+1=5/2; सूत्र से −b/a=−(−5)/2=5/2।
- गुणनफल = (3/2)×1=3/2; सूत्र से c/a=3/2।
उत्तर: शून्यक 1 और 3/2 हैं; योग 5/2 तथा गुणनफल 3/2 है।
इन गलतियों से बचें
- योग के सूत्र में −b/a का ऋण चिह्न भूलना।
- बहुपद के गुणांक a,b,c पहचानने से पहले उसे मानक रूप में न लिखना।
आधिकारिक स्रोत
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